उष्मा उपचार

ढलाई के बाद, क्रशर के घिसाव वाले पुर्जों में अवशिष्ट ढलाई तनाव, मोटे दानेदार संरचना और असंतोषजनक धातुवैज्ञानिक संरचना पाई जाती है।ऊष्मा उपचार से पुर्जे के आयाम या वजन में कोई परिवर्तन नहीं होता, यह केवल धातु की आंतरिक सूक्ष्म संरचना को संशोधित करता है।

मुख्य कार्य:

  1. उपयोग के दौरान दरारें और टूटने से बचाने के लिए ढलाई में अवशिष्ट तनाव को दूर करें।
  2. कठोरता और मजबूती का संतुलन: घिसाव-प्रतिरोधी सतह और टूटने से बचाने वाला प्रभाव-प्रतिरोधी आधार।
  3. दानेदार संरचना को परिष्कृत करें, हानिकारक कार्बाइड को हटाएँ और सामग्री के पूर्ण प्रदर्शन को प्राप्त करें।
  4. सभी बैचों में एकसमान प्रदर्शन सुनिश्चित करें।

उच्च मैंगनीज इस्पात के पुर्जों के लिए:जल-प्रतिरोधी उपचारयह ऑस्टेनाइट संरचना उत्पन्न करता है, जिससे अच्छी कार्य-कठोरता का गुण प्राप्त होता है। बेहतर घिसाव प्रतिरोध के लिए सतह प्रभाव के तहत कठोर हो जाती है। उच्च क्रोमियम वाले ढलवां लोहे के पुर्जों के लिए:शमन + निम्न-तापमान तापनयह उच्च घिसाव प्रतिरोध प्रदान करता है और साथ ही फ्रैक्चर से बचने के लिए शमन तनाव को कम करता है।

केवल उपयुक्त रासायनिक संरचना से ही अच्छे पुर्जों की गारंटी नहीं दी जा सकती। उचित ताप उपचार से ही घिसावट वाले पुर्जों का सेवाकाल निर्धारित होता है।

 


पोस्ट करने का समय: 8 सितंबर 2026
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